Saturday, December 6, 2014

Ehsaas !

अहसास

सोचो सोचो क्या होता? 
अगर ऐसा होता।   
सागर बिन लहरों के। 
गगन बिन तारों के। 
 कली बिन भंवरों के। 
चकोरी बिन चाँद के। 
कमल बिन सूरज के। 
चेहरा बिन मुस्कान के। 
लब्ज़ बिन आवाज़ के। 

लगता है जीवन सूना ऐसे। 
तेरे बिना, तेरे बिना। 
तुम हो अनमोल, मेरे लिए सदा सदा।  

 
 


Sapna..:)

सपना

एक दिन सपने में, मुझे मिला एक थैला। 
थैला था तो सुन्दर, पर थोड़ा था मैला। 

मैं ने धीरे से उसे खोला तो उसमे से निकला।
तारों की एक माला। 
एक प्यारा चंदा, चाँदनी रातों वाला। 
एक सूरज जो देता उजाला। 

ये सारे बाहर निकले, मैं चली उनके पीछे। 
वो भागे, मैं भागी, पीछे-पीछे। 
फिर भी न मिले वो,
क्योंकि तब तक हो गया था सवेरा। 


Wednesday, November 26, 2014

Rekindling old hobbies.. ;)

Buddha

Mila!

Snow White

Sharabi..

शराबी

बेखबर हूँ मैं, मेरे कदम खुदबखुद बढ़ रहे हैं मैखाने की ओर। 
मैं जानता हूँ.. मैं जा रहा हूँ, ज़िन्दगी के उजाले से अँधेरी तैखाने की ओर। 

कभी मैं भी हुआ करता था, खुशहाल और आबाद।
इस ज़हर ने बना दिया मुझे कँगहाल और बर्बाद। 

ना माँ, ना पिता, ना बीवी ना बच्चे, अब कोई नहीं है मेरे पास। 
खाली बोतल सा बन गया हूँ ; दिन गिन के लेता हूँ हर सांस।  

यारों .. सुनो एक शराबी की नसीहत .. कभी न फँसना इस ज़हर के हाथ। 
वरना ! तुम भी बन जाओगे एक ज़िंदा लाश !!